बहुत पुरानी बात है, रूस में ज़ार विस्लाव (Tsar Vyslav) नाम के एक महान राजा का शासन था। उनके महल के पीछे एक बेहद खूबसूरत बगीचा था, जिसमें एक जादुई पेड़ था। इस पेड़ पर सोने के सेब (Golden Apples) लगते थे। राजा को यह पेड़ अपनी जान से भी प्यारा था। लेकिन एक दिन राजा ने देखा कि रात के समय कोई चुपके से बगीचे में आता है और सोने के सेब चुरा ले जाता है।
राजा ने अपने तीनों बेटों—दिमित्री, वसीली और सबसे छोटे बेटे इवान (Prince Ivan) को बुलाया और कहा, "जो भी चोर को पकड़कर लाएगा, मैं उसे अपना आधा राज्य और अपनी मृत्यु के बाद पूरा सिंहासन दूँगा।"
पहली रात सबसे बड़े बेटे दिमित्री ने पहरा दिया, लेकिन उसे नींद आ गई। दूसरी रात वसीली की बारी थी, लेकिन वह भी सो गया। तीसरी रात सबसे छोटे राजकुमार इवान की बारी थी। इवान पूरी रात अपनी आँखें खोले पेड़ के पास बैठा रहा। आधी रात बीतने के बाद, अचानक पूरा बगीचा एक तेज़ रोशनी से जगमगा उठा। इवान ने देखा कि एक बेहद खूबसूरत और जादुई पक्षी पेड़ पर बैठा है। उसके पंख आग की लपटों की तरह चमक रहे थे और उसकी आँखों से क्रिस्टल जैसी रोशनी निकल रही थी। यह जादुई 'फायरबर्ड' था!
इवान ने चुपके से छलांग लगाई और पक्षी की पूंछ पकड़ ली। पक्षी तो ज़ोर लगाकर उड़ गया, लेकिन इवान के हाथ में उसका एक चमकता हुआ सुनहरा पंख रह गया। वह पंख इतना चमकदार था कि उसके प्रकाश में अंधेरे कमरे में भी सुई खोजी जा सकती थी।
सुबह राजा ने वह जादुई पंख देखा और कहा, "अब मुझे केवल सेब नहीं, बल्कि वह पूरा फायरबर्ड चाहिए!" राजा के आदेश पर तीनों भाई अलग-अलग दिशाओं में फायरबर्ड की तलाश में निकल पड़े।
राजकुमार इवान चलते-चलते एक ऐसे दोराहे पर पहुँचा जहाँ एक पत्थर पर लिखा था: *"जो सीधा जाएगा वह भूख और प्यास से मरेगा। जो दाईं ओर जाएगा वह ज़िंदा रहेगा लेकिन उसका घोड़ा मारा जाएगा। जो बाईं ओर जाएगा वह मारा जाएगा लेकिन उसका घोड़ा ज़िंदा रहेगा।"*
इवान ने दाईं ओर का रास्ता चुना। कुछ दूर जाने पर जंगल से एक विशाल भूरा भेड़िया (Grey Wolf) निकला और एक ही झपट्टे में इवान के घोड़े को खा गया। इवान उदास होकर पैदल चलने लगा। कुछ दिन बाद वही भेड़िया इवान के पास आया और बोला, "राजकुमार इवान, मुझे खेद है कि मैंने तुम्हारा घोड़ा खा लिया। तुम मेरी पीठ पर बैठ जाओ, मैं तुम्हें फायरबर्ड तक ले चलूँगा।"
भेड़िया हवा की गति से भागा और इवान को ज़ार एफ्रोन के राज्य में ले आया। भेड़िये ने इवान से कहा, "फायरबर्ड महल के बगीचे में एक सोने के पिंजरे में है। तुम पक्षी को निकाल लेना, लेकिन भूलकर भी उस सोने के पिंजरे को मत छूना।"
इवान बगीचे में गया, लेकिन फायरबर्ड की सुंदरता देखकर वह लालच में आ गया। उसने सोचा, "इतने सुंदर पक्षी को मैं बिना सोने के पिंजरे के कैसे ले जा सकता हूँ?" जैसे ही उसने पिंजरा छुआ, महल में अलार्म बजने लगे और सैनिक जाग गए। ज़ार एफ्रोन ने इवान को पकड़ लिया और कहा, "मैं तुम्हें फायरबर्ड दे दूँगा, लेकिन बदले में तुम्हें ज़ार कुसमान के राज्य से 'सुनहरे बालों वाला जादुई घोड़ा' (Horse with the Golden Mane) चुराकर लाना होगा।"
इवान वापस भेड़िये के पास आया। भेड़िये ने उसे डांटा लेकिन फिर से मदद की। वे ज़ार कुसमान के राज्य पहुँचे। भेड़िये ने फिर चेतावनी दी, "घोड़े को ले आना, लेकिन उसकी सुनहरी लगाम (Golden Bridle) को मत छूना।"
लेकिन इवान फिर से लगाम की सुंदरता देखकर लालच में आ गया। उसने लगाम को छुआ और फिर से पकड़ा गया। इस बार ज़ार कुसमान ने शर्त रखी, "मैं तुम्हें घोड़ा दूँगा, लेकिन बदले में तुम्हें मेरे लिए दुनिया की सबसे सुंदर राजकुमारी 'एलेना द ब्यूटीफुल' को लाना होगा।"
भेड़िया समझ गया कि इवान अकेले यह काम नहीं कर पाएगा। इस बार भेड़िये ने खुद राजकुमारी एलेना का अपहरण किया। इवान जब एलेना से मिला, तो वह उसकी सुंदरता और मासूमियत देखकर उससे प्यार कर बैठा। इवान उसे ज़ार कुसमान को नहीं सौंपना चाहता था।
भेड़िये ने इवान की परेशानी देखी और एक जादुई तरकीब निकाली। भेड़िया खुद राजकुमारी एलेना के रूप में बदल गया! इवान ने नकली एलेना (भेड़िये) को राजा को सौंप दिया और बदले में 'सुनहरे बालों वाला घोड़ा' ले लिया। जब राजा नकली एलेना से शादी करने जा रहा था, तभी भेड़िया अपने असली रूप में आ गया और भागकर इवान के पास पहुँच गया।
इसी तरह, भेड़िये ने खुद को 'सुनहरे बालों वाले घोड़े' में बदल लिया और ज़ार एफ्रोन को धोखा देकर असली फायरबर्ड भी हासिल कर लिया।
अब राजकुमार इवान के पास सुंदर राजकुमारी एलेना, जादुई घोड़ा और चमकता हुआ फायरबर्ड तीनों थे। वह अपने राज्य वापस लौटा। जब ज़ार विस्लाव ने फायरबर्ड और एलेना को देखा, तो वह बेहद प्रसन्न हुए। उन्होंने इवान को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया। इवान ने एलेना से विवाह किया और उस समझदार भेड़िये को हमेशा के लिए अपना सबसे प्रिय मित्र बना लिया।
संस्कृति की झलक:
'फायरबर्ड' (रशियन में Zhar-ptitsa) स्लाविक और रूसी लोक कथाओं का सबसे जादुई और महत्वपूर्ण प्रतीक है। रूसी संस्कृति में यह पक्षी एक दुर्लभ खज़ाने, सुंदरता और एक ऐसी कठिन मंज़िल का प्रतीक है, जिसे पाना मुश्किल होता है। इस कहानी में 'भूरे भेड़िये' का किरदार बहुत ख़ास है, जो अक्सर रूसी कहानियों में नायक के एक समझदार, जादुई और सच्चे मार्गदर्शक (Helper) के रूप में दिखाई देता है।
कहानी से सीख:
लालच हमेशा मुसीबत को न्यौता देता है (जैसे पिंजरे और लगाम को छूने की गलती)। हमें हमेशा अपने सच्चे मार्गदर्शकों की सलाह माननी चाहिए। साथ ही, ईमानदारी और सच्ची लगन से असंभव लगने वाले लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं।
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